

दक्षिण भारतीय नाश्ता
दक्षिण भारत का क्लासिक नाश्ता: गरमागरम, नमकीन, मन को भाने वाला, और सिर्फ़ 20 मिनट में तैयार।
रेसिपी देखें
उपमा भुनी हुई सूजी (रवा) से बना एक गाढ़ा, नमकीन व्यंजन है, जिसे राई, दाल, करी पत्ते, अदरक और हरी मिर्च के तड़के के साथ पानी में पकाया जाता है। यह नरम, हल्के मसाले वाला और पेट भरने वाला होता है, इसलिए यह भारत के सबसे आम नाश्तों में से एक है।
दक्षिण भारत में इसे खास तौर पर पसंद किया जाता है, जहाँ इसके स्थानीय नाम हैं: कर्नाटक में उप्पिट्टु, केरल में उप्पुमावु और तमिलनाडु में उप्पुमा। महाराष्ट्र में इसे उपीट कहते हैं।
इसके नाम को आमतौर पर द्रविड़ शब्दों उप्पु (नमक) और मावु (आटा) से जोड़ा जाता है। आज उपमा सिर्फ़ सूजी से ही नहीं, बल्कि सेवई, ओट्स, मिलेट और बची हुई ब्रेड से भी बनाया जाता है।
क्लासिक से शुरुआत करें, फिर बाकी वेरिएशन आज़माएँ।

क्लासिक उपमा: राई, करी पत्ते और काजू के साथ भुनी सूजी।
⏱ 20 मिनट
गाजर, मटर और बीन्स से रंग-बिरंगा और ज़्यादा पेट भरने वाला।
⏱ 30 मिनट
खट्टा और हल्का तीखा, सुंदर नारंगी रंग के साथ।
⏱ 30 मिनट
पतली सेवई से बना: हल्का, झटपट और बिना चिपके।
⏱ 25 मिनट
रोल्ड ओट्स और सब्ज़ियों वाला फ़ाइबर से भरपूर उपमा।
⏱ 25 मिनट
बची हुई ब्रेड, खट्टे-चटपटे टमाटर-प्याज़ मसाले में।
⏱ 20 मिनट
कल की इडली, मसलकर क्लासिक तड़के में।
⏱ 20 मिनट
कंगनी और सब्ज़ियाँ: पौष्टिक, सोंधा और ग्लूटेन-फ़्री।
⏱ 60 मिनट
सोंधा, पेट भरने वाला और फ़ाइबर से भरपूर, साबुत गेहूँ के दलिया से।
⏱ 35 मिनट
नारियल और लाल मिर्च वाला पारंपरिक, बिना गेहूँ का उपमा।
⏱ 30 मिनटजानिए उपमा कहाँ से आया और इसे बनाते समय होने वाली आम गलतियों को कैसे ठीक करें।

उपमा कहाँ से आया? इसके नाम का मतलब, इसमें इस्तेमाल होने वाले अनाज, यह भारत और दुनिया में कैसे फैला, और उप्पिट्टु से खारा बाथ तक इसके क्षेत्रीय रूप।
आगे पढ़ें →
उपमा चिपचिपा, गुठलीदार या सूखा क्यों बनता है? उपमा की 8 आम समस्याएँ, उनकी वजह और हर बार नरम, खिला-खिला उपमा बनाने के आसान उपाय।
आगे पढ़ें →हमारी रेसिपी से उपमा बनाने वाले लोगों की तस्वीरें और टिप्स।
नारियल की चटनी उपमा की सबसे क्लासिक जोड़ी है, और साथ में सांभर, अचार या एक केला भी खूब चलता है। बेंगलुरु में तीखे उपमा (खारा बाथ) और मीठे केसरी बाथ को एक साथ परोसा जाता है, जिसे चौ चौ बाथ कहते हैं।
हाँ। उपमा हल्का, पेट भरने वाला और आसानी से पचने वाला नाश्ता है। सब्ज़ियाँ डालने या ओट्स या मिलेट से बनाने पर इसमें फ़ाइबर और पोषण बढ़ जाता है। अगर आप कैलोरी पर ध्यान दे रहे हैं तो घी कम रखें।
क्लासिक रवा उपमा की एक सर्विंग (हमारी रेसिपी का एक-तिहाई हिस्सा) में लगभग 300–350 कैलोरी होती है, जो ज़्यादातर सूजी और घी से आती है। घी कम करने या सब्ज़ियाँ बढ़ाने से कैलोरी घटती है।
हाँ। रवा और सूजी एक ही चीज़ के दो नाम हैं: गेहूँ को दरदरा पीसकर बनी सेमोलिना। उपमा के लिए बारीक रवा, जिसे अक्सर बॉम्बे रवा कहा जाता है, सबसे अच्छा रहता है।
आमतौर पर इसकी वजह होती है: रवा ठीक से भुना नहीं, पानी ज़्यादा हो गया, या रवा बहुत तेज़ी से डाला गया। रवा अच्छी तरह भूनें, पानी नापकर डालें और चलाते हुए धीरे-धीरे रवा डालें।
उपमा ताज़ा सबसे अच्छा लगता है। इसे 1 दिन तक फ्रिज में रख सकते हैं; थोड़ा पानी छिड़ककर ढककर गरम करें।